विशेष विषय – सहकारी संघवाद
Page 5 – 360° मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर
प्रश्न:
"सहकारी संघवाद भारत की संघीय संरचना की आत्मा है। इसके समक्ष चुनौतियों का विश्लेषण करते हुए सुधार के उपाय सुझाइए।"
🔹 प्रस्तावना (Introduction)
भारत का संविधान संघीय ढाँचे पर आधारित है, जहाँ शक्तियों का विभाजन केंद्र और राज्यों के बीच किया गया है। सहकारी संघवाद का उद्देश्य टकराव के बजाय सहयोग, संवाद और समन्वय को बढ़ावा देना है।
🔹 मुख्य भाग (Body)
1️⃣ सहकारी संघवाद की विशेषताएँ
- शक्तियों का संवैधानिक विभाजन
- वित्त आयोग के माध्यम से संसाधन वितरण
- नीति आयोग एवं जीएसटी परिषद में संयुक्त निर्णय
2️⃣ प्रमुख चुनौतियाँ
- राजस्व असंतुलन
- अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग
- राज्यपाल की भूमिका पर विवाद
- केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग
3️⃣ सुधार के उपाय
- अंतर-राज्य परिषद को सक्रिय बनाना
- राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाना
- राजनीतिक संवाद और विश्वास निर्माण
- न्यायपालिका द्वारा संघीय संतुलन की रक्षा
🔹 निष्कर्ष (Conclusion)
सहकारी संघवाद भारत की विविधता को एकता में बाँधने का माध्यम है। केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और संवैधानिक मर्यादा ही इसकी सफलता की कुंजी है।
"टीम इंडिया" की भावना से ही भारत मजबूत और समावेशी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ सकता है।
🎯 उत्तर लेखन टिप्स
- संविधान के अनुच्छेदों का उल्लेख करें
- एस.आर. बोम्मई केस का संदर्भ दें
- समसामयिक उदाहरण जोड़ें
- संतुलित निष्कर्ष दें
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Special Topic | Cooperative Federalism | Page 5 – 360° Mains Model Answer
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