वैश्विक राजनीति में भारत की रणनीतिक नीति
Strategic Autonomy, QUAD, BRICS और भारत की वैश्विक भूमिका
भारत की रणनीतिक स्वायत्तता
भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy)।
इसका अर्थ है कि भारत किसी एक शक्ति समूह पर निर्भर हुए बिना स्वतंत्र रूप से अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्णय लेता है।
भारत न तो किसी सैन्य गुट का स्थायी सदस्य है और न ही किसी शक्ति ब्लॉक का पूर्ण समर्थक।
इसी कारण भारत अलग-अलग वैश्विक मंचों पर संतुलित भूमिका निभाता है।
QUAD में भारत की भूमिका
QUAD (Quadrilateral Security Dialogue) चार देशों का एक रणनीतिक मंच है।
- भारत
- अमेरिका
- जापान
- ऑस्ट्रेलिया
इसका मुख्य उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था को बनाए रखना है।
भारत QUAD के माध्यम से समुद्री सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।
BRICS में भारत की भूमिका
BRICS पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।
- ब्राज़ील
- रूस
- भारत
- चीन
- दक्षिण अफ्रीका
BRICS का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को मजबूत करना है।
भारत इस मंच के माध्यम से आर्थिक सहयोग, विकास बैंक और वैश्विक आर्थिक सुधार को आगे बढ़ाता है।
इंडो-पैसिफिक रणनीति
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र आज वैश्विक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक क्षेत्र बन चुका है।
भारत इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को महत्व देता है।
भारत की रणनीति एक खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करने की है।
वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत
आज की दुनिया धीरे-धीरे Multipolar World की ओर बढ़ रही है।
अमेरिका, चीन, रूस और यूरोपीय देशों के बीच शक्ति संतुलन बदल रहा है।
इस स्थिति में भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
भारत का उद्देश्य है वैश्विक शांति बनाए रखना और विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत करना।
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